काठमाडौं, २ साउन (बीबीसी) । ब्रिटेनको एउटा प्रतिष्ठित जर्नल ल्यान्सेटमा विश्वव्यापी अध्ययन गरेर प्रकाशित एक लेखमा विज्ञहरूले अधिकांश देशहरूमा यो शताब्दीको अन्त्यसम्ममा जनसङ्ख्या निकै घट्ने प्रक्षेपण गरिएको छ।
नेपालको हकमा हाल तीन करोड रहेको जनसङ्ख्या सन् २०४३ मा ३ करोड ४५ लाख पुग्ने र त्यसपछि घट्दै गएर सन् २१०० मा पुग्दा त्यसको लगभग आधामा झर्ने प्रक्षेपण गरिएको छ।
खासगरि विश्वभरि शिक्षामा भएको प्रगति अनि महिलाहरूको सशक्तिकरणजस्ता विभिन्न कारणले कुल प्रजनन दर अर्थात् एक महिलाले आफ्नो जीवनकालमा जन्माउने बच्चाको सङ्ख्या निरन्तर घटिरहेकोले यस्तो अवस्था आइपर्न लागेको सो प्रतिवेदनमा उल्लेख छ।
हाल नेपालमा कुल प्रजनन दर २.२४ प्रतिशत रहेकोमा त्यो अब घट्दै जाने र सन् २१०० सम्म पुग्दा १.२० प्रतिशत पुग्ने प्रक्षेपणमा उल्लेख छ।
हालसम्म नेपाललाई एउटा युवा देशको रूपमा मानिन्छ।
Structure of the population
Structure of the population (22.06.2011) (Census) :
| Age Group | Male | Female | Total | % |
|---|---|---|---|---|
| Total | 12 849 041 | 13 645 463 | 26 494 504 | 100 |
| 0-4 | 1 314 957 | 1 253 006 | 2 567 963 | 9.69 |
| 5-9 | 1 635 176 | 1 569 683 | 3 204 859 | 12.10 |
| 10-14 | 1 764 630 | 1 710 794 | 3 475 424 | 13.12 |
| 15-19 | 1 443 191 | 1 488 789 | 2 931 980 | 11.07 |
| 20-24 | 1 043 981 | 1 314 090 | 2 358 071 | 8.90 |
| 25-29 | 917 243 | 1 162 111 | 2 079 354 | 7.85 |
| 30-34 | 770 577 | 964 728 | 1 735 305 | 6.55 |
| 35-39 | 740 200 | 864 119 | 1 604 319 | 6.06 |
| 40-44 | 660 290 | 725 831 | 1 386 121 | 5.23 |
| 45-49 | 575 101 | 597 858 | 1 172 959 | 4.43 |
| 50-54 | 505 864 | 499 612 | 1 005 476 | 3.80 |
| 55-59 | 412 892 | 405 371 | 818 263 | 3.09 |
| 60-64 | 368 451 | 388 376 | 756 827 | 2.86 |
| 65-69 | 277 782 | 276 667 | 554 449 | 2.09 |
| 70-74 | 199 610 | 195 543 | 395 153 | 1.49 |
| 75-79 | 117 358 | 117 777 | 235 135 | 0.89 |
| 80-84 | 62 787 | 65 990 | 128 777 | 0.49 |
| 85-89 | 25 810 | 26 716 | 52 526 | 0.20 |
| 90-94 | 8 940 | 11 395 | 20 335 | 0.08 |
| 95+ | 4 201 | 7 007 | 11 208 | 0.04 |
यहाँका अधिकांश मानिसहरू युवा उमेरका रहेको हुँदा त्यसले श्रम तथा रोजगारीमा सकारात्मक असर परिरहेको ठानिन्छ।
राष्ट्रिय तथ्याङ्क विभागको आँकडा अनुसार नेपालमा अहिले औसत उमेर ७१ बर्षको हाराहारीमा छ।
अहिले नेपालमा ६५ वर्षभन्दा धेरै उमेरका मानिस कुल जनसङ्ख्याको ५ प्रतिशत हाराहारीमा मात्र छन्।
हाल विश्वव्यापी फैलिएको कोरोनाभाइरसको महामारीको सन्दर्भमा पनि धेरै मानिस युवा उमेरका भएकाले त्यसको असर यहाँ कम परिरहेको कतिपयको बुझाइ छ।
| Age group | Male | Female | Total | Percent |
|---|---|---|---|---|
| 0-14 | 4 714 763 | 4 533 483 | 9 248 246 | 34.91 |
| 15-64 | 7 437 790 | 8 410 885 | 15 848 675 | 59.82 |
| 65+ | 696 488 | 701 095 | 1 397 583 | 5.27 |
योजनाविद्हरू यस्तै मौकामा देशले विकासमा फड्को मारिहाल्नुपर्ने ठान्छन्।
तर यो मौका लामो समय नरहने देखिँदैछ।
राष्ट्रिय योजना आयोगका पूर्व उपाध्यक्ष डा. गोविन्दराज पोखरेल भन्नुहुन्छ, ‘आयोगले केही वर्ष अगाडि गरेको अध्ययनमा के पाइयो भने अबको छ वर्षपछि नै हामीकहाँ ६५ वर्षभन्दा माथिका मानिसहरूको सङ्ख्या ७ प्रतिशत पुग्छ, त्यो भनेको बुढ्यौलीतर्फ लाग्दै गरेको मुलुक हो।’
‘अनि अबको ३३ वर्षपछि त्यो प्रतिशत १४ पुग्छ र हामी बुढ्यौली लागेको वा वृद्ध मुलुक हुनेछौँ ‘, उहाँले भन्नुभयो।
Life expectancy
| Period | Life expectancy in Years |
Period | Life expectancy in Years |
|---|---|---|---|
| 1950–1955 | 34.0 | 1985–1990 | 52.1 |
| 1955–1960 | 34.6 | 1990–1995 | 56.4 |
| 1960–1965 | 36.2 | 1995–2000 | 60.5 |
| 1965–1970 | 39.1 | 2000–2005 | 64.0 |
| 1970–1975 | 42.0 | 2005–2010 | 66.7 |
| 1975–1980 | 44.9 | 2010–2015 | 68.9 |
| 1980–1985 | 48.3 |
Source: UN World Population Prospects
त्यसको असर के ?
जनसङ्ख्याविद् प्राध्यापक डा. मृगेन्द्रलाल सिंह यस्तो परिवर्तनको व्यापक नीतिगत असर पर्ने हुनाले बेलैमा सचेत हुनुपर्ने बताउनुुहुन्छ ।
‘जनसङ्ख्या यसरी घट्नु राम्रो कुरा होइन। राम्ररी सोचविचार गरेर नीति बनाउनुपर्छ’, उहाँले भन्नुभयो।

डा. पोखरेल पनि त्यसमा सहमत हुनुुहुन्छ।
उहाँले थप्नुभयो, ‘हामी त विकास देख्न नपाइकनै वृद्ध हुने मुलुक बन्ने पो खतरा छ’
उहाँले उदाहरण दिँदै भन्नुभयो, ‘सन् २०१५ मा औसतमा ११ जनाले काम गरेर एकजना वृद्धलाई पाल्नुपरेको थियो। सन् २०५० पुग्दा साढे पाँच जनाले काम गरेर एकजनालाई पाल्नुपर्नेछ।’
राष्ट्रिय योजना आयोगका अर्का पूर्वउपाध्यक्ष डा. शङ्कर शर्मा पनि जनसङ्ख्याको बदलिँदो स्वरूपबारे अहिले देखि नै जानकार भएर सचेत ढङ्गले योजना बनाउनुपर्ने आवश्यकता ठान्नुहुन्छ।
‘जनसङ्ख्याबाट हुने फाइदा अर्थात् धेरै युवा जनसङ्ख्या हुनेको फाइदा लिन अब हामीलाई २०-२५ वर्ष मात्र बाँकी छ। त्यसपछि हामीले समयानुकुल हुने गरेर थोरै मानिसबाट धेरै उत्पादन हुनसक्ने क्षेत्रमा ध्यान दिनुपर्छ।’

सिङ्गापुरको उदाहरण दिँदै डा. शर्माले कसरी उक्त देशले जनसङ्ख्या कम हुने आकलन गर्दै उच्च प्रविधि तथा उच्च मूल्यका उद्योगव्यापारमा ध्यान केन्द्रित गर्यो भन्नेबाट नेपालले सिक्नुपर्ने बताउनुभयो।
अर्थात् आगामी वर्षहरूमा नेपालले पनि उत्पादकत्व बढाउने, उच्च प्रविधि अँगाल्ने तथा स्रोतसाधनको उच्चतम प्रयोगको विधि र तरिका पछ्याउने विकल्प रोज्नुपर्ने योजनाविद्हरूले बताएका छन्।


















