काठमाडौं, २१ साउन । जापानले उपलब्ध गराउने कोभिडविरुद्धको आठ लाख मात्रा आस्ट्राजेनेका खोप नेपाल आएको दोस्रो दिनबाटै ज्येष्ठ नागरिकहरूलाई बाँड्न थालिने स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या मन्त्रालयअन्तर्गतको स्वास्थ्य सेवा विभागका एक उच्च अधिकारीले बताउनुभएको छ ।
परिवार कल्याण महाशाखाका प्रमुख डा. तारानाथ पोखरेलले भन्नुभएकोछ, “पहिलो दिन आउन नै समय लाग्छ। दुई दिनपछि हामी काठमाडौं उपत्यकालगायत वाग्मती प्रदेशका जिल्लाहरूमा सुरु गर्न सक्छौँ।”
उहाँले भन्नुभयो, ूसुरुवात त्यसरी गर्छौँ र हामीलाई कति प्राप्त हुन्छ त्यो हेरेर पाँच दिनभित्र बाँकी प्रदेशमा हामी खोप वितरण सुरु गर्न सक्छौँ।ू
जापानले उपलब्ध गराउन लागेको कोभिड खोप भारतमा उत्पादित कोभिशील्ड खोपको पहिलो मात्रा लगाएका ज्येष्ठ नागरिकलाई उपलब्ध गराउने सरकारले यसअघि नै बताएको छ।
जापानबाट पहिलो खेपमा कति आउछ ?
जापानमा उत्पादित आस्ट्राजेनेका खोप बिहीवार र शुक्रवार नेपाल पठाउन लागिएको काठमाडौंस्थित जापानी राजदूतावासले जनाएको बुधबार बताएको थियो।
उसले जापान सरकारले प्रतिबद्धता जनाएको १६ लाख खोपमध्ये८ लाख मात्रा खोप शनिवार र आइतबार नेपाल आइपुग्ने आफ्नो अपेक्षा रहेको उल्लेख गरेको थियो।

नेपाललाई १६ लाख खोप उपलब्ध गराउने प्रतिबद्धता जापानले गरेको छ
नेपालस्थित जापानी राजदूत किकुटाले उक्त खोपको द्रुत ढङ्गले सदुपयोग हुने विश्वास व्यक्त गर्नुभएको छ।
बाँकी खोप सम्बद्ध संस्थासँगको सहकार्यमा नेपाललाई उपलब्ध गराइने जापानी राजदूतावासको भनाइ छ।
सरकारले यसअघि पहिलो मात्रा कोभिशील्ड खोप लगाएका ज्येष्ठ नागरिकहरूलाई सो जापानी खोप उपलब्ध गराउने तयारी गरिरहेको छ।
पहिलो मात्रा कोभिशील्ड लगाएर दोस्रो मात्राको प्रतीक्षा गरिरहेकाको सङ्ख्या झन्डै पौने १४ लाख भएको अधिकारीहरूले बताउँदै आएका छन्।
तर कतिपयले पहुँच वा अन्य उपायबाट खोप लगाइसकेको हुनसक्ने भएकाले १२ लाख देखि १३ लाख मात्रा खोप ज्येष्ठ नागरिकलाई पर्याप्त हुने ठानिएको छ।
नेपाली अधिकारी को भनाई
खोप कार्यक्रम हेर्ने स्वास्थ्य सेवा विभागअन्तर्गतको परिवार कल्याण महाशाखाका प्रमुख डा. तारानाथ पोखरेल जापानबाट प्राप्त हुने खोप केन्द्रमा भण्डारण गरेर नराखिने बताउनुहुनछ।
ूपहिला भेरो सेल खोप आउँदा पनि हामीले वाग्मती, त्यसपछि गण्डकी र लुम्बिनी प्रदेशमा सुरु गरेका थियौँ। अहिले पनि यो तीन वटा प्रदेशमा गर्न सकिने सङ्ख्यामा उपलब्ध भयो भने हामी त्यसै गर्छौँ। क्रमशः आउँदै गयो भने बाँकी प्रदेशमा पठाइदिन्छौँ।ू उहाँले भन्नुभएको छ ।
भारतले कोभिशील्ड निर्यातमा प्रतिबन्ध लगाएपछि नेपालको खोप अभियान प्रभावित भएको थियो
उहाँले भुटानबाट अस्ट्राजेनेका खोप पैँचो मागिएको उल्लेख गर्दै त्यो प्राप्त हुने मिति भने अहिलेसम्म थाहा हुन नसकेको बताउनुभयो ।
“भुटानबाट पनि त्यही समयमा आइपुग्यो भने हामीलाई लगभग सबै प्रदेशमा पठाउन पुग्छ। नत्र भने जति वटालाई पुग्छ त्यहाँ पठाउँछौँ। कतिपय प्रदेशले अहिले अरू खोप अभियान सञ्चालन गरिरहेका छन्, तिनीहरूलाई हामी हाम्रो क्षमता र सङ्ख्याका आधारमा क्रमशः पठाइदिन्छौँ।”
चिनियाँ खोप भेरो सेलको दोस्रो मात्रा लगाउने अभियान आगामी साउन २२ गतेबाट सुरु हुने भन्दै उनले खोप भण्डारणको समस्या नरहेको बताए।
डा. पोखरेलका अनुसार साउन मसान्तसम्ममा भेरो सेल र जोनसन एन्ड जोनसन दुवै खोपको मौज्दात सकिनेछ।
विज्ञहरुको भनाइ
राष्ट्रिय खोप सल्लाहकार समितिका सदस्य तथा इपिडिमियोलोजी तथा सरुवा रोग नियन्त्रण महाशाखाका पूर्वप्रमुख डा. जीडी ठाकुर खोपहरू नेपाल आइपुग्नेबित्तिकै प्रदेशहरूमा पनि पठाउन आफूहरूले सुझाव दिएको बताउँनुहुन्छ।
“धेरै प्रदेशहरूमा भण्डारणको व्यवस्था रहेकाले आउनेबित्तिकै प्रदेशहरूमा पनि पठाइदिनुपर्छ। प्रदेशमा पनि भण्डारण गर्ने होइन, खोप केन्द्रहरूमा पठाएर तुरुन्तै वितरण गर्नुपर्छ। त्यसो गर्न सकियो भने जनताले पनि खोप पाउँछन्, नियमित खोप कार्यक्रम पनि प्रभावित हुँदैन।”, डा. ठाकुरले भन्नुभयो ।
नेपाल भेरिअन्ट
उहाँले आफ्नो समितिले उच्च जोखिममा रहेका उमेर समूहका व्यक्तिहरूलाई सबैभन्दा बढी प्राथमिकता दिएर खोप वितरण गर्न सुझाव दिएको पनि दोहोर्याउनुभयो।
ठाकुर थप्नुहुन्छ, “बहिष्करणमा परेका चेपाङ, कुसुन्डालगायतका समुदायहरूलाई पनि पहिलो प्राथमिकतामा राखेर खोप लगाइदिनुपर्छ भनेर छलफल भएको छ।उच्च जोखिममा रहेका बसमा काम गर्ने व्यक्ति, सफाइकर्मी र छुटेका अग्रपङ्क्तिमा खटिनेलाई खोप दिनुपर्छ भनेर पहिले नै हामीले सुझाव दिएका छौँ।”
कति जनाले खोप लगाए ?
बुधवार अपराह्नसम्मको सरकारी तथ्याङ्कअनुसार नेपालमा २० लाख ७४ हजार जनाभन्दा बढीले पूर्ण मात्रा खोप लगाएका छन्।
पहिलो मात्रा मात्रै खोप लगाउनेको सङ्ख्या ४२ लाख ९७ हजारभन्दा बढी छ।

चिनियाँ खोप : भेरो सेल खोपको दुवै मात्रा ७ लाख ३२ हजार भन्दा धेरैले लगाएका छन्
स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या मन्त्रालयको आँकडाअनुसार पहिलो मात्रा कोभिशील्ड लगाउनेको सङ्ख्या १८ लाख २८ हजारभन्दा बढी छ भने दुवै मात्रा लगाउनेको सङ्ख्या चार लाख ६० हजारभन्दा धेरै छ।
चीनमा उत्पादित भेरो सेल खोपको दुवै मात्रा ७ लाख ३२ हजार भन्दा धेरैले लगाएका छन् भने २४ लाख ६९ हजार भन्दा बढीले पहिलो मात्रा लगाएका छन्।
अमेरिकी जोनसन एन्ड जोनसन खोप लगाउनेको सङ्ख्या ८ लाख ८१ हजार नाघेको बताइएको छ।
अहिलेसम्म नेपालमा कोभिशील्ड, भेरो सेल र जोनसन एन्ड जोनसन खोप मात्र नेपाल आएका छन्।
जोनसन एन्ड जोनसन खोप एक मात्रा मात्र लगाए पुग्छ भने कोभिशील्डको र भेरो सेलको दुई मात्रा लगाउनुपर्छ।
नेपालले कति खोप प्राप्त गरेको छ ?
अमेरिकाले नेपाललाई १५ लाख ३४ हजार जोनसन एन्ड जोनसन खोप उपलब्ध गराएको छ
अनुदान र खरिद गरी ९७ लाख ८२ हजार खोपको मात्रा प्राप्त भइसकेको स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या मन्त्रालयले यसै साता बताएको थियो।
आगामी असोज महिनासम्म थप १ करोड २ लाख खोप प्राप्त हुने उसले उल्लेख गरेको थियो।
त्यसमा जापान र चीनले अनुदानमार्फत् दिने खोप र चीनबाट खरिद गरिएको ६० लाख भेरो सेल खोप पनि समेटिएको छ।
नवनियुक्त स्वास्थ्यराज्य मन्त्री उमेश श्रेष्ठले आगामी माघ मसान्तसम्म ४० लाख मोडेर्ना र ६० लाख फाइजरसहित २ करोड २२ लाख खोपको मात्रा भित्र्याइने उल्लेख गर्नुभएको छ।
पौष र माघ महिनासम्म प्राप्त हुने खोपको सङ्ख्या ५ करोड २२ लाख पुग्ने उहाँको अपेक्षा छ।
त्यसमा खोपसम्बन्धी विश्वव्यापी अभियान कोभ्याक्सबाट अनुदान र खर्च बेहोरेर प्राप्त हुने भनिएको २ करोड २३ लाख मात्रा पनि समाविष्ट छ।
विश्वव्यापी खोप वितरण
| विश्व |
५३.६
|
४,१७७,०९७,७७१ |
| चीन |
११५.८
|
१,६७५,७५९,२२१ |
| भारत |
३४.२
|
४७२,२२३,६३९ |
| अमेेरिका (यूएसए) |
१०३.६
|
३४६,४५६,६६९ |
| ब्रजिल |
६७.०
|
१४२,४८८,६७९ |
| जर्मनी |
१०९.९
|
९२,०५४,३७४ |
| जापान |
६९.१
|
८७,३८१,६६२ |
| यूके |
१२७.५
|
८५,१९६,९८६ |
| टर्की |
८७.१
|
७३,४९३,०५९ |
| फ्रान्स |
१०७.६
|
७२,६७३,३४२ |
| इटली |
११३.७
|
६८,७४२,२३१ |
| इन्डोनेशिया |
२४.९
|
६८,१५१,२४७ |
| मेक्सिको |
५२.२
|
६७,३५५,३४२ |
| रुस |
४२.६
|
६२,२२५,६०९ |
| स्पेन |
१२०.२
|
५६,१८६,६०१ |
| क्यानडा |
१३१.२
|
४९,५२५,३६६ |
| पोलन्ड |
९१.०
|
३४,४२९,९५६ |
| आर्जेन्टिना |
७१.१
|
३२,१४८,७८७ |
| पाकिस्तान |
१३.८
|
३०,५९०,१८३ |
| कोलम्बिया |
५४.१
|
२७,५२४,३७७ |
| साउदी अरब |
७८.५
|
२७,३२२,८१७ |
| चिली |
१३४.१
|
२५,६४२,४१६ |
| दक्षिण कोरिया |
४९.७
|
२५,४६०,२८० |
| मोरक्को |
६४.५
|
२३,८०२,१८८ |
| मलेशिया |
६५.५
|
२१,२००,४७३ |
| नेदरल्यान्ड्स |
११५.३
|
१९,७५१,५७५ |
| फिलिपिन्स |
१७.७
|
१९,३५९,९२७ |
| यूएई |
१७०.०
|
१६,८१०,९९६ |
| थाईल्यान्ड |
२२.९
|
१५,९६०,७७८ |
| बेल्जम |
१२३.४
|
१४,३०२,९७७ |
| पेरू |
३९.९
|
१३,१५२,२८५ |
| बाङ्ग्लादेश |
८.०
|
१३,१४१,८१५ |
| अस्ट्रेलिया |
४८.३
|
१२,३१७,७२७ |
| कम्बोडिया |
७३.२
|
१२,२३२,२५९ |
| पोर्चुगल |
११८.९
|
१२,१२०,७२७ |
| श्रीलङ्का |
५६.५
|
१२,०९८,८८९ |
| एक्वडर |
६४.७
|
११,४१९,८०६ |
| इजरेल |
१२९.०
|
११,१६५,७६१ |
| स्वीडन |
१०४.६
|
१०,५६५,३५८ |
| ग्रीस |
१०१.१
|
१०,५३८,७४४ |
| चेक गणतन्त्र |
९६.८
|
१०,३६३,७४२ |
| इरान |
१२.१
|
१०,१६८,६७४ |
| हङ्गेरी |
१०५.१
|
१०,१५५,४६६ |
| डोमिनिकन गणतन्त्र |
९३.५
|
१०,१४०,३३३ |
| अस्ट्रिया |
१०७.९
|
९,७१९,९२८ |
| क्युबा |
८५.२
|
९,६५०,२३५ |
| रुमेनिया |
४८.९
|
९,४०६,०६३ |
| कजाखस्तान |
४९.०
|
९,२०८,८३८ |
| स्विट्जरल्यान्ड |
१०३.३
|
८,९३८,८६६ |
| ताइवान |
३४.७
|
८,२७०,२१३ |
| सिङ्गापुर |
१२९.५
|
७,५७६,६१२ |
| डेन्मार्क |
१२६.९
|
७,३५३,१३३ |
| दक्षिण अफ्रिका |
१२.३
|
७,२९७,९१२ |
| भियतनाम |
६.६
|
६,४१५,२१९ |
| नेपाल |
२०.२
|
५,८७७,७५९ |
| आयरल्यान्ड |
११८.५
|
५,८४९,९२४ |
| उज्बेकिस्तान |
१७.३
|
५,८०३,२५५ |
| फिनलन्ड |
१०२.०
|
५,६५३,६५४ |
| युक्रेन |
१२.९
|
५,६३२,७८३ |
| सर्बिया |
८१.४
|
५,५३६,१७० |
| नर्वे |
९९.०
|
५,३६६,०४२ |
| इजिप्ट |
५.२
|
५,३३७,५०६ |
| जोर्डन |
५१.६
|
५,२६५,०७४ |
| अजर्बैजान |
४९.७
|
५,०४०,७७८ |
| युरुग्वे |
१३७.८
|
४,७८८,१०९ |
| बलिभिया |
३८.८
|
४,५२६,१७७ |
| एल साल्भडोर |
६६.४
|
४,३०९,१८९ |
| स्लोभाकिया |
७७.३
|
४,२१९,८१० |
| मङ्गोलिया |
१२७.०
|
४,१६१,९१८ |
| भेनेजुएला |
१४.१
|
४,०००,००० |
| नाइजिरिया |
१.९
|
३,९३८,९४५ |
| कतार |
१३२.०
|
३,८०४,२९८ |
| म्यान्मार |
६.४
|
३,५००,००० |
| अल्जिरिया |
७.८
|
३,४२१,२७९ |
| कोस्टा रिका |
६२.७
|
३,१९३,८९५ |
| क्रोएशिया |
७५.०
|
३,०७८,३६४ |
| ट्यूनिशिया |
२२.५
|
२,६६३,४३८ |
| लिथुएनिया |
९७.८
|
२,६६१,३८७ |
| प्यानमा |
५९.६
|
२,५७३,२२६ |
| कुवेत |
५५.६
|
२,३७५,४५५ |
| बहराइन |
१३६.०
|
२,३१४,७७३ |
| जिम्बाब्वे |
१५.३
|
२,२७५,४१६ |
| इथियोपिया |
१.९
|
२,२१७,०९७ |
| बेलारुस |
२३.२
|
२,१९४,९९३ |
| ग्वाटेमाला |
१२.१
|
२,१६०,०७४ |
| पाराग्वे |
२९.८
|
२,१२३,९९७ |
| बल्गेरिया |
२९.२
|
२,०३०,३०१ |
| लेबनान |
२८.६
|
१,९४९,२५८ |
| होन्डुरस |
१९.३
|
१,९१२,२३२ |
| लाओस |
२६.०
|
१,८९५,०३८ |
| ओमान |
३७.०
|
१,८८७,४२१ |
| न्यूजील्यान्ड |
३६.५
|
१,७५९,१५४ |
| स्लोभिनिया |
८३.२
|
१,७३०,२९३ |
| केन्या |
३.२
|
१,७०७,७३४ |
| अङ्गोला |
४.८
|
१,५९२,५३७ |
| अफगानिस्तान |
३.५
|
१,३८१,४१६ |
| ल्याट्भिया |
७१.७
|
१,३५२,८३६ |
| घाना |
४.१
|
१,२७१,३९३ |
| एल्बेनिया |
४१.७
|
१,१९८,९३३ |
| मरिशस |
९०.९
|
१,१५६,४८२ |
| युगान्डा |
२.५
|
१,१४३,७६३ |
| एस्टोनिया |
८५.५
|
१,१३३,८४४ |
| इराक |
२.७
|
१,०८७,८६६ |
| मोल्डोभा |
२५.९
|
१,०४४,५२९ |
| प्यालेस्टिनी भूभाग |
१९.७
|
१,००७,४८३ |
| साईप्रस |
११०.४
|
९८०,४०४ |
| आईभरी कोस्ट |
३.६
|
९५९,३४९ |
| सेनेगल |
५.४
|
९०६,५५७ |
| उत्तर म्यासडोनिआ |
४३.४
|
९०४,५८३ |
| सुडान |
१.८
|
८१०,५६० |
| गिनी |
६.१
|
८०४,१२२ |
| माल्टा |
१७२.१
|
७५९,८१८ |
| लक्सम्बर्ग |
११२.२
|
७०२,०९१ |
| मोजाम्बिक |
२.२
|
६९१,०४० |
| रुवान्डा |
५.०
|
६४६,९०९ |
| बोस्निया-हर्सगोभिना |
१८.६
|
६११,६४१ |
| ट्रिनिडाड एन्ड टोबेगो |
४२.०
|
५८७,७२० |
| माल्दिभ्स |
१०८.०
|
५८३,६५१ |
| किर्गिजस्तान |
८.९
|
५७९,४९० |
| लिबिया |
८.०
|
५४६,७४५ |
| फिजी |
६०.१
|
५३८,४३९ |
| जोर्जा |
१२.७
|
५०६,७८० |
| मलावी |
२.६
|
५०४,१९५ |
| ताजिकिस्तान |
५.२
|
४९२,०६६ |
| भुटान |
६३.४
|
४८८,८७२ |
| आइसल्यान्ड |
१३७.८
|
४७०,३७४ |
| टोगो |
५.५
|
४५४,२०८ |
| जाम्बिया |
२.४
|
४३८,८८५ |
| कोसोभो |
२२.२
|
४२८,८१८ |
| नीजेर |
१.७
|
४२३,३३५ |
| निकारागुआ |
६.३
|
४१५,६४० |
| गुयाना |
४९.५
|
३८९,३३६ |
| टिमोर-लेस्टे |
२७.६
|
३६३,२६९ |
| बोट्स्वाना |
१५.०
|
३५२,४०७ |
| मन्टिनिग्रो |
५२.९
|
३३२,०२२ |
| क्यामरून |
१.३
|
३३१,८७५ |
| येमन |
१.०
|
३११,४८३ |
| एक्वटोरीअल गिनी |
२१.५
|
३०१,४१३ |
| जमैका |
१०.२
|
३००,९०२ |
| सोमालिया |
१.६
|
२४९,७९० |
| सुरिनाम |
४२.१
|
२४६,७८२ |
| सिएरा लिओन |
२.८
|
२२५,३८० |
| नमिबिया |
८.३
|
२११,४१० |
| कङ्गो |
३.६
|
१९८,६९८ |
| म्याडग्यास्कर |
०.७
|
१९७,००१ |
| माली |
१.०
|
१९६,८६२ |
| मरिटेनिया |
४.२
|
१९३,७७६ |
| बलीज |
४४.२
|
१७५,७३५ |
| बार्बेडस |
६०.६
|
१७४,१२९ |
| आर्मीनीया |
५.८
|
१७१,८९० |
| ब्रुनाई |
३७.५
|
१६३,९९९ |
| केप भर्ड |
२८.७
|
१५९,४४६ |
| सेशेल्ज |
१४३.८
|
१४१,४३५ |
| जर्जी |
१३८.८
|
१४०,२४५ |
| सिरिया |
०.७
|
१३१,२२१ |
| कमरोज |
१४.५
|
१२५,९६० |
| आईअल अफ म्यान |
१४५.८
|
१२३,९४७ |
| बहामस |
२६.६
|
१०४,५२१ |
| केमन द्वीप |
१४८.७
|
९७,७०७ |
| लाइबेरिया |
१.९
|
९५,४२३ |
| चाड |
१.९
|
९३,७९० |
| गर्न्जी |
१३८.४
|
९२,७७५ |
| पापुआ न्यूगिनी |
१.०
|
८८,३४३ |
| ग्याबोन |
३.९
|
८७,१८१ |
| बर्म्युडा |
१३३.१
|
८२,८७० |
| एन्डोरा |
१०६.६
|
८२,३४९ |
| डीआर कङ्गो |
०.०९१
|
८१,३८४ |
| समोआ |
४०.९
|
८१,११४ |
| जिब्रोल्टर |
२३२.७
|
७८,४०६ |
| लसूटू |
३.४
|
७२,९४८ |
| एन्टिगा एन्ड बार्बुडा |
७०.३
|
६८,८५० |
| एस्वाटिनी |
५.७
|
६५,६६७ |
| फेअरो द्वीप |
१३०.३
|
६३,६६० |
| ग्रीनल्यान्ड |
१०९.३
|
६२,०५० |
| बेनिन |
०.५
|
५७,८८६ |
| सेन्ट लुशिया |
३१.१
|
५७,०६६ |
| दक्षिण सुडान |
०.५
|
५६,९८९ |
| टर्क्स एन्ड केकस आईलन्ड्स |
१२२.१
|
४७,२६३ |
| स्यान मरिनो |
१३४.३
|
४५,५८३ |
| सोलमन द्वीप |
६.६
|
४५,१०१ |
| साओ टमे एन्ड प्रिन्सिप |
२०.१
|
४३,९६० |
| सेन्ट किट्स एन्ड नीभिस |
८२.०
|
४३,६४० |
| गाम्बिया |
१.८
|
४३,५५७ |
| तुर्क्मेनिस्तान |
०.७
|
४१,९९३ |
| मोनको |
१०३.५
|
४०,६३० |
| डोमिनिका |
५६.२
|
४०,४५० |
| टोङ्गा |
३७.४
|
३९,५११ |
| लिख्टन्स्टाईन |
१०२.८
|
३९,२०५ |
| बर्कीना फासो |
०.२
|
३७,१२० |
| ग्रनेडा |
३२.५
|
३६,५२४ |
| चाड |
०.२
|
२९,९८० |
| जिबूटी |
२.७
|
२६,७९६ |
| ब्रिटिश भर्जिन आईलन्ड्स |
८७.६
|
२६,५०१ |
| सेन्ट भिन्सेन्ट एन्ड द ग्रेनडीन्ज |
२३.१
|
२५,६३५ |
| गिनी-बिसाउ |
१.३
|
२५,२२५ |
| भानुआटु |
७.८
|
२३,९९५ |
| कुक द्वीप |
११६.८
|
२०,५०९ |
| एङ्ग्विला |
१२०.०
|
१८,००१ |
| नाउरु |
१३६.५
|
१४,७८४ |
| सेन्ट हलिना |
१३०.०
|
७,८९२ |
| हेइटी |
०.०५८
|
६,५७६ |
| टूभालू |
४०.५
|
४,७७२ |
| फोल्क्लन्ड द्वीप |
१२६.५
|
४,४०७ |
| मोन्टसेराट |
५४.६
|
२,७३० |
| नीयूए |
७५.२
|
१,२१६ |
| पिट्केअर्न द्वीप |
१६३.८
|
७७ |
| उत्तर कोरिया |
०
|
० |
| एरिट्रिया |
०
|
० |
| किरबाटी |
०
|
० |
| टोकलाउ |
०
|
० |
| तान्जनिया |
०
|
० |
| दक्षिण जोर्जा र साउथ स्यान्ड्विच द्वीप |
०
|
० |
| बुरुन्डी |
०
|
० |
| ब्रिटिश हिन्द महासागर क्षेत्र |
०
|
० |
| भ्याटिकन |
०
|
० |
नोटः यो जानकारी नियमित रूपमा अध्यावधिक गरिन्छ तर हरेक देशको हकमा पछिल्लो विवरण यस्मा समाविष्ट नभएको पनि हुनसक्छ। कुल खोप भन्नाले खोप वितरण गरिएको मात्रालाई जनाउँछ, खोप लिएका मानिसहरूकोसङ्ख्यालाई होइन। त्यसैले प्रति १०० जनसङख्यामा १०० मात्राभन्दा बढी खोपको विवरण पनि देखिनसक्छ।(बीबीसीबाट)
स्रोतः आवर वर्ल्ड इन डेटा, ओएनएस, यूके सरकारी तथ्याङ्क


















